एक अदद मास्क ।




एक अदद मास्क।


आज

शस्त्र संपन्न विश्व है निःशस्त्र
वायरस फैला सर्वत्र ।
संपन्न हो या दरिद्र, 
एक है दोनो के प्रति इसका चरित्र ।
विश्व ने साबित किया चीनी अक्रांता,
क्या इटली ,जापान ,स्पेन  अमेरिका 
सबकी जाने ये लील रहा ।
भारत में भी है तांडव को आतुर ,
सुध ले लो तुम इसकी 
हो जाओ इसके लिए निष्ठुर ।
निर्देश सरकार के मानो ,
कर्फ्यू लॉकडाउन का महत्व जानो,
अनुशासन को अपना लो,
हाथ साबुन से धोकर,
सोशल डिस्टैंस बना लो ,
बचाव मे ही बचाव है , 
इसलिए 
घर पर रहकर खुद को बचा लो।
स्वघोषित  शक्तिशाली तुम आत्मघाती न बनो,
अदृश्य दुश्मन के सामने तुम बलशाली न  बनो,
योद्धा हो तो दो चतुरता का परिचय,
कुछ वार  सहकर न करो विस्मय।
विज्ञान न ढूंढ ले जब तक कोई दवा वैक्सीन,
हृदय में आत्मदृढ़ता का सृजन कर
करो दुआ कि रहे आमीन !
उपलब्ध साधनो को शस्त्र बना लो,
अस्थाई ही सही कुछ तो ढाल बना लो।
कि न फैल सके करोना संक्रमण ,
चाहते हो अगर कि करें हम भी इस पर आक्रमण ,
तो है जो तुम्हारे पास एक हथियार ,
सही से प्रयोग करो इसका,
दवा न आती,तब तक इसी से आगे बढ़ाओ टास्क,
नाक मुंह ढककर रखो तुम,
सुनिश्चित करो पहनना एक अदद मास्क ।


#पवन कुमार वर्मा ।
दिनांकः- 18 मई 2020








Comments

  1. अपने व्यू यहां पर दें।

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  2. Beautiful poem with important message

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  3. Excellent...as always...👏👏👏

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    1. आप यूं ही हमें निखारते रहे । धन्यवाद सर।

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  4. Wah wah pawan bhai bhaut khoob...��������

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    Replies
    1. बहुत बहुत शुक्रिया विवेक भाई आप आगे भी हमारा कृतियां पढते रहे।और हमें निखारे।

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